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नवरात्रि नौ दिनों का त्यौहार है जिसके दौरान देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस त्यौहार में नौ रंग भी होते हैं, जिन्हें नौ ग्रहों का प्रतीक माना जाता है, और नौ रातें होती हैं, जिसके दौरान देवी के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। यह त्यौहार पूरे भारत और विदेशों में हिंदुओं द्वारा मनाया जाता है।
यह हिंदू धर्म का सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार है और पूरे भारत में हिंदुओं द्वारा मनाया जाता है। नौ दिनों तक चलने वाला यह त्यौहार धनतेरस से शुरू होकर चैत्र पूर्णिमा पर समाप्त होता है। इस अवधि के दौरान, बुरी आत्माओं और दुर्भाग्य से छुटकारा पाने के लिए देवी शक्ति की पूजा की जाती है। इस त्यौहार को “दुर्गा पूजा” या “शक्ति पूजा” के नाम से भी जाना जाता है। इस त्यौहार की मुख्य देवी देवी दुर्गा हैं। उन्हें ब्रह्मांड की सर्वोच्च शक्ति माना जाता है। उनके नाम का अर्थ है 'विध्वंसक'। उन्हें महिषासुरमर्दिनी (महिषासुर राजा; मर्दिनी विध्वंसक) भी कहा जाता है।
इस त्यौहार को मनाने की शुरुआत प्राचीन काल से हुई है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव अपनी पत्नी पार्वती से प्रसन्न हुए थे जब उन्होंने कार्तिकेय नाम के एक पुत्र को जन्म दिया था। उन्होंने उन्हें आशीर्वाद दिया था कि उनका एक बच्चा होगा जो बहुत शक्तिशाली होगा और राक्षसों को हरा देगा। कुछ समय बाद, पार्वती ने फिर से गर्भधारण किया और एक और पुत्र को जन्म दिया। जब वह पैदा हुआ, तो उसे एहसास हुआ कि यह बच्चा अन्य शिशुओं की तरह नहीं था। उसके चेहरे पर कोई मानवीय विशेषता नहीं थी, बल्कि एक जानवर जैसा था। इसलिए, उसने उसका नाम स्कंद रखा। बाद में, वह तीसरी बार गर्भवती हुई और एक लड़की को जन्म दिया। उसने अपनी बेटी का नाम शीतला रखा। ये दोनों बच्चे बहुत शक्तिशाली थे और उन्होंने कई राक्षस राजाओं को हराया था। उन्हें क्रमशः युद्ध और जीत के देवता के रूप में पूजा जाता है।
नवरात्रि के पहले दिन को धनतेरस कहा जाता है। लोग देवी दुर्गा के स्वागत में पटाखे जलाते हैं और मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं तथा प्रसाद चढ़ाते हैं।
नवरात्रि के दूसरे दिन लोग मिठाई, नमकीन आदि खाद्य पदार्थ तैयार करना शुरू करते हैं। ये खाद्य पदार्थ देवी दुर्गा को अर्पित किए जाते हैं।
नवरात्रि के तीसरे दिन लोग मंदिरों में जाते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं।
नवरात्रि के चौथे दिन, भक्त देवी दुर्गा को फूल, फल, धूपबत्ती, चंदन का लेप, नारियल का तेल, दूध, घी, जल, चीनी, चावल, गेहूं का आटा, सब्जियां, फल आदि चढ़ाकर पूजा करते हैं। पूजा करते समय भक्त भक्ति गीत गाते हैं।
नवरात्रि के पांचवें दिन, भक्त अपने शरीर और मन को शुद्ध करते हैं। वे स्नान करते हैं और अपने माथे पर पवित्र भस्म लगाते हैं। वे नए कपड़े पहनते हैं और ताजे फूलों से खुद को सजाते हैं।
नवरात्रि के छठे दिन महिलाएं परिवार के सदस्यों के लिए विशेष व्यंजन तैयार करती हैं। पुरुष भी इन व्यंजनों का आनंद लेते हैं।
नवरात्रि के सातवें दिन पुरुष शिकार करने निकल जाते हैं जबकि महिलाएं घर पर रहकर स्वादिष्ट भोजन बनाती हैं। महिलाएं पुरुषों की सुरक्षा और सफल शिकार के लिए भी प्रार्थना करती हैं।
नवरात्रि के आठवें दिन परिवार एक साथ इकट्ठा होते हैं और होली मनाते हैं।
नवरात्रि के नौवें दिन सभी लोग काम पर वापस चले जाते हैं।
दशहरा या विजयादशमी एक हिंदू त्यौहार है जो हिंदू महीने अश्विन के कृष्ण पक्ष के दसवें दिन (या कभी-कभी नौवें) को पड़ता है, आमतौर पर अक्टूबर/नवंबर में। इस दिन लोग भगवान राम की पूजा करते हैं, जिन्हें चौदह साल के लिए अयोध्या से निर्वासित किया गया था। यह कई हिंदुओं के जीवन में एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।
नवरात्रि का त्यौहार भारत के अलग-अलग हिस्सों में मनाया जाता है। अलग-अलग राज्यों में इस त्यौहार से जुड़ी अपनी परंपराएँ और रीति-रिवाज़ हैं। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र में लोग देवी दुर्गा को मीठे व्यंजन चढ़ाते हैं। वे रात के दौरान संगीत वाद्ययंत्र भी बजाते हैं। कर्नाटक में लोग देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं। वे उन्हें मिठाई भी चढ़ाते हैं। आंध्र प्रदेश में लोग देवी सरस्वती की पूजा करते हैं। वे उन्हें मिठाई और पेय भी चढ़ाते हैं। तमिलनाडु में लोग भगवान मुरुगा की पूजा करते हैं। वे मिठाई भी चढ़ाते हैं। केरल में लोग भगवान अयप्पा की पूजा करते हैं। वे मिठाई, फल और नारियल भी चढ़ाते हैं।
इन नौ दिनों के लिए, नौ नवरात्रि रंग निर्धारित किए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक का अपना महत्व है। महिलाएं हर दिन रंग मिलान के अनुसार साड़ी और सूट पहनती हैं। इन दिनों को और भी खास बनाने के लिए Trend In Need पर हमने हर रंग से मेल खाते हुए साड़ी और सूट तैयार किए हैं। बस नीचे दिए गए हर दिन के रंग पेज पर जाएँ और अपनी पसंद की साड़ी, ड्रेस मटेरियल चुनें।
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